दीपावली दीपों का मुख्य त्योहार है । दीप माला का पूजन होता है । दीपावाली पर निशा काल में अमावस्या का महत्व लक्ष्मी पूजा से होता है । यह अमावस्या साधक विद्वान तंत्र मंत्र पूजा पाठ करने वालों के लिए विशेष महत्व रखता है ।
कार्तिक अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर 2024, गुरुवार को 03 बजकर 12 मिनट के बाद से शुरू होकर अगले दिन 01 नवंबर 2024 शुक्रवार को 5 बजकर 13 बजे तक अमावस्या रहेगी।
श्री काशी विश्वनाथ ऋषिकेश पंचांग के तद्नुसार।
अमावस्या की रात की बात हुई तो ये 31 अक्टूबर को ही मिल रही है।
इस हिसाब से दीपावली 31 अक्टूबर के दिन ही मनाई जाएगी।
लक्ष्मी पूजा संध्या व रात्रि वेला के वृष , सिंह , कुंभ लग्न के समय में मनाई जाती है ।
काशी के विद्वानों ने भी इसी मुहूर्त को शास्त्र सम्मत माना है ।
🚩लक्ष्मी पूजन मुहूर्त -
1- वृषभ राशि स्थिर लग्न समय - 06:23 सायं से 08:19 रात्रि तक रहेगा ।
2- सिंह राशि स्थिर लग्न समय मध्यरात्रि - 12:51 से 03:05 तक है ।