सनातनी हिन्दू धर्म मे गंगा स्नान का विशेष महत्व है। पाप मोचनी गंगा जी का स्नान एवम् पूजन तो जब अवसर मिल जाय तब ही पुण्य प्रदायक है , और प्रत्येक अमावस्या एवं अन्य पर्वो पर भक्तगण दूर - दूर से आकर पुण्य सलिला गंगा जी में स्नान करते हैं । परन्तु ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तो गंगा जी का जन्मदिन ही है । आज के दिन ही महाराज भागीरथ के कठोर तप से प्रसन्न होकर स्वर्ग से पृथ्वी पर आई थीं गंगा जी । भगवान विष्णु के नाखून से उत्पन्न गंगा माता ब्रह्माजी के कमण्डलु से निकाल कर किस प्रकार पृथ्वी पर आईं और किस तरह भगवान शिव ने उनके वेग को जटाओं में धारण किया इसे प्रत्येक हिन्दू जानता है । आज के दिन गंगाजी के विभिन्न तटों और विशिष्ट घाटों पर तो बड़े - बड़े मैले लगते ही हैं अन्य पवित्र नदियों में भी लाखों व्यक्ति स्नान करते हैं । सम्पूर्ण भारत में पवित्र नदियों में स्नान के विशिष्ट पर्व के रूप में मनाया जाता है यह गंगा दशहरा ।
यदि गंगाजी अथवा अन्य किसी पवित्र नदी पर सपरिवार स्नान हेतु जाया जा सके तो सर्वश्रेष्ठ है । वहीं स्नान के बाद आप गंगाजी की प्रत्यक्ष अथवा उस नदी को गंगाजी का रूप मानकर पूजा - आराधना कर लेंगे । आज के दिन दान देने का भी विशिष्ट महत्व है । ब्राह्मणों को छतरी , जूते - चप्पल , वस्त्र आदि के दान प्रायः ही दिए जाते हैं ।
यदि गंगा जी जाना संभव न हो तो घर में गंगाजल रखा रहता है । किसी पात्र में गंगाजल रखकर स्नान करें ,औऱ गंगाजी की पूजा - आराधना , जप , दान , व्रत - उपवास और गंगाजी की पूजा करने पर सभी पाप जड़ से कट जाते हैं ।
ऐसी शास्त्रों की मान्यता है । गंगाजल सम्मुख रखकर धूप - दीप , नैवेद्य से उसकी पूजा करने और प्याऊ लगवाने से आज विशेष पुण्य प्राप्त होता है । अनेक व्यक्ति आज ठण्डे जल , मीठे शर्बत और दूध की लस्सी का प्याऊ व्यक्तिगत अथवा सामूहिक रूप से लगवाते हैं। इसी प्रकार परिवार के प्रत्येक -व्यक्ति के हिसाब से सवा सेर या एक किलो ढाई सौ ग्राम चूरमा बनाकर भी साधुओं और ब्राह्मणों में बांटने का रिवाज है । ब्राह्मणों को बड़ी मात्रा में अनाज भी आज दान के रूप में दिया जाता है । लोक व्यवहार में आज आम खाने और आम दान करने को भी विशिष्ट महत्व दिया जाने लगा है ।
वैसे जहां तक व्यावहारिकता की बात है गंगा दशहरा का यह धार्मिक पर्व आज गंगा स्नान का एक सामाजिक उत्सव है ।
इस विषय के बारे में जानकारी पाकर मुझे बहुत खुशी हुई। इस विषय पर लेख लिखने के लिए धन्यवाद पिता जी 😊🙏🏻
जवाब देंहटाएंGood
जवाब देंहटाएंबहुत बढ़िया, आपको प्रणाम
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