बुधवार, 1 अक्टूबर 2025
विजया दशमी
इनके अतिरिक्त प्रत्येक क्षेत्र और परिवार में दशहरा मनाने के अलग - अलग कुछ विधान भी हैं । कुछ क्षेत्रों में गोबर का दशहरा रखकर उसकी पूजा भी की जाती है । इसी प्रकार अनेक परिवारों में आज बहिनें भाइयों के तिलक भी करती हैं । प्रथम नौ रात्रे के दिन देवी के नाम के जौ बोकर आज के दिन उनके छोटे - छोटे पौधे उखाड़ कर भाइयों को देने का रिवाज भी कुछ क्षेत्रों में है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
श्री बद्रीनाथ मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 18 से 22 अप्रैल 2026 आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। 🚩🚩जय श्री बद्री विशाल 🚩🚩
।। ॐ ।। ।। श्री गणेशाय नमः ।। मंगलं भगवान विष...
-
प्रातः व सायंकाल नित्य मंगल श्लोक का पाठ करने से बहुत कल्याण होता है। दिन अच्छा बीतता है। दुःस्वप्न भय नही होता है। धर्म मे वृद्...
-
।।अशौच - विचार।। अशौच दो प्रकारका होता है - १ - जननाशौच तथा २ - मरणाशौच । यहाँ मरणाशौचके संदर्भमें कुछ विचार प्रस्तुत किये जा ...
Aapko aur aapke pure pariwar ko humare taraf se Happy Dussehra
जवाब देंहटाएं